WIFI हैकिंग कई तरह की होती है जिसमें मोटे तौर पर इसे दो तरीके में बांट सकते हैं. एक तो सीधे तौर पर आपका वाईफाई ही किसी ने हैक कर लिया है और उससे कनेक्ट हो गया है. दूसरा ये है कि उसने आपका वाईफाई हैक किया और इसके जरिए उससे कनेक्टेड डिवाइस तक भी पहुंच गया. यानी आपक क्या कर रहे हैं इसकी जानकारी हैकर को है.
हैकर्स कई बार वाईफाई को ओपन छोड़ कर इसे बेट की तरह इस्तेमाल करते हैं. बिना पासवर्ड वाले वाईफाई को आपने कनेक्ट कर लिया और इंटरनेट यूज कर रहे हैं. आपने जैसे ही वाईफाई से कनेक्ट किया आपके डिवाइस का मैक अड्रेस और आईपी अड्रेस राउटर में दर्ज हो जाती है. हैकर्स सबसे पहले स्निफिंग टूल का यूज करके ट्रैफिक को इंटरसेप्ट करते हैं. डेटा पैकेट्स के रूप में ट्रांसफर होता है और हैकर्स के पास कई तरह टूल होते हैं जो इन पैकेट्स को इंटरसेप्ट करके आपकी ब्राउजिंग हिस्ट्री तो आसानी से जान सकते हैं.
नेटवर्क स्निफिंग
नेटवर्क स्निफिंग के जरिए जितने विजिबल ट्रैफिक होते हैं उसे आसानी से इंटरसेप्ट किया जा सकता है. आमतौर पर इसके लिए वायरशार्क पैकेट स्निफर टूल का यूज किया जाता है.
WIFI राउटर हैकिंग
वाईफाई हैक करना वाईफाई से जुड़े डिवाइस को हैक करने के मुकाबले आसान है. इसके कई तरीके हैं. कई फ्री टूल हैं जो कम सिक्योरिटी वाले वाईफाई राउटर को हैक करते हैं. इसके अलावा एडवांस्ड टूल्स हैं जो बैकट्रैक पर काम करते हैं जिनका यूज करके सिक्योरिटी वाले वाईफाई राउटर भी हैक किए जा सकते हैं.
सबसे आसान उन राउटर को हैक करना होता है जिनमें WEP सिक्योरिटी होते हैं. पहले के राउटर्स में लोग WEP रखते थे, लेकिन अब डिफॉल्ट बदल दिया गया है. WPA-PSK keys से सिक्योर किए गए राउटर्स को हैक करना थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन इसे भी हैक किया जा सकता है.
आम तौर पर लोग वाईफाई राउटर का पासवर्ड डिफॉल्ट छोड़ देते हैं और हैकर्स के लिए काम आसान कर देते हैं. वो इसे ऐक्सेस करके ना सिर्फ आपका वाईफाई हैक करते हैं, बल्कि उससे कनेक्टेड डिवाइस पर भी नजर रखते हैं.
इस ऐप से जाने कनेक्टेड डिवाइस का MAC Adress
हम आपको ऐसे आसान तरीके बताते हैं जिससे आप दूसरे लोगों को वाईफाई राउटर से ब्लॉक कर सकते हैं. सबसे पहले आप अपने वाईफाई राउटर से अपना मोबाइल कनेक्ट कर लें और गूगल प्ले स्टोर से Fing एप डाउनलोड करके इंस्टॉल कर लें. अगर आईफोन है तो एप स्टोर पर भी यह एप उपलब्ध है.
Friday, November 23, 2018
Thursday, October 18, 2018
में नागरिकता पाने वालों में दूसरे नंबर पर रहे भारतीय, 50 हजार लोगों को मिली सिटीजनशिप
वॉशिंगटन. एक आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 में करीब 50 हजार भारतीयों को अमेरिकी नागरिकता दी गई। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग की सालाना प्रवासी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 50,802 भारतीयों को देश की नागरिकता मिली। यह 2016 के 46,188 के आंकड़े से चार हजार ज्यादा है। इससे पहले 2015 में 42,213 भारतीयों को अमेरिकी नागरिकता दी गई थी।
2017 में अमेरिका ने कुल 7,07,265 विदेशियों को नागरिकता दी। यह 2016 के 7,53,259 से करीब 45 हजार कम है। इससे पहले 2015 में 7,30,259 लोगों को अमेरिकी नागरिकता मिली थी। माना जा रहा है कि ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद सरकार ने नागरिकता पाने के मानकों को कठिन बना दिया है।
अमेरिकी नागरिकता पाने वालों में मैक्सिकन सबसे ज्यादा
2017 में विदेशी नागरिकों में सबसे ज्यादा मैक्सिको के 1,18,559 लोगों को अमेरिका की नागरिकता मिली। इसके बाद दूसरे नंबर पर भारतीय रहे। वहीं 37,674 चीनी लोगों को अमेरिकी नागरिकता दी गई।फिलीपींस के 36,828, डोमिनिकन रिपब्लिक के 29,734 और क्यूबा के 25,961 लोगों को अमेरिकी नागरिकता दी।
नागरिकता पाने में महिलाएं आगे
आंकड़ों के मुताबिक, 2017 में 3,96,234 महिलाओं को अमेरिकी नागरिकता मिली। यह पुरुषों के 3,10,987 से 85 हजार ज्यादा रही।
नागरिकता पाने वाले ज्यादातर भारतीय कैलिफोर्निया में बसे
रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी नागरिकता पाने वालों में से करीब 12 हजार भारतीय कैलिफोर्निया में बसे। इसके बाद न्यूजर्सी में 5900 और टेक्सास में 3700 भारतीयों ने बसेरा बनाया। इसके अलावा करीब 7100 नए अमेरिकी नागरिकों ने न्यूयॉर्क और पेंसिलवेनिया को भी घर के तौर पर चुना।
तृप्ति देसाई शिंगणापुर के शनि मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए आंदोलन कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हम विजयादशमी के मौके पर हम लोग शिरडी जा रहे थे। पुलिस पहले ही मेरे घर के आसपास मौजूद थी। उन्होंने हमें आगे नहीं बढ़ने दिया। विरोध करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। यह नरेंद्र मोदी के द्वारा हमारी आवाज दबाने की कोशिश है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गुरुवार को सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं को प्रवेश दिया जाना था, लेकिन हिंसक विरोध के चलते ऐसा संभव नहीं हो पाया।
साईं ने 1918 में ली थी समाधि
साईं बाबा की समाधि के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में शिरडी में 17 से 19 अक्टूबर तक साई दरबार सजाया गया। 15 अक्टूबर 1918 को बाबा ने शिरडी में समाधि ली थी। इस दरबार में 30 राज्यों और 20 देशों के 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु शामिल होंगे। कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। समारोह से पहले ही यहां के 750 होटल और शिरडी संस्थान के 1500 कमरे बुक हो चुके हैं।
96 साल में ट्रस्ट की आय 11 लाख गुना बढ़ी
शिरडी संस्थान के सीईओ रूबल अग्रवाल ने बताया कि 1922 में साईं बाबा मंदिर को ट्रस्ट के रूप में रजिस्टर किया गया। उस समय ट्रस्ट की सालाना आय लगभग 3200 रुपए थी। आज ट्रस्ट की आय 371 करोड़ रुपए हो गई है।
रसोई में एक लाख लोगों के भोजन का इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से हर कोने पर सीसीटीवी कैमरे, डॉग स्क्वॉड, एक हजार से ज्यादा पुलिस फोर्स और संस्थान के ही 500 से ज्यादा सेवक व्यवस्था में शामिल हैं। करीब एक लाख श्रद्धालु के लिए रसोई में भोजन की व्यवस्था की गई। भाेजन परोसने के लिए एक हजार सेवकों ने तीन शिफ्ट में सेवाएं दीं। पूरा मंदिर परिसर 35 लाख खर्च कर फल और फूलों से सजाया जाएगा। इसके लिए साढ़े सात टन फूल मंगवाए गए।
2017 में अमेरिका ने कुल 7,07,265 विदेशियों को नागरिकता दी। यह 2016 के 7,53,259 से करीब 45 हजार कम है। इससे पहले 2015 में 7,30,259 लोगों को अमेरिकी नागरिकता मिली थी। माना जा रहा है कि ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद सरकार ने नागरिकता पाने के मानकों को कठिन बना दिया है।
अमेरिकी नागरिकता पाने वालों में मैक्सिकन सबसे ज्यादा
2017 में विदेशी नागरिकों में सबसे ज्यादा मैक्सिको के 1,18,559 लोगों को अमेरिका की नागरिकता मिली। इसके बाद दूसरे नंबर पर भारतीय रहे। वहीं 37,674 चीनी लोगों को अमेरिकी नागरिकता दी गई।फिलीपींस के 36,828, डोमिनिकन रिपब्लिक के 29,734 और क्यूबा के 25,961 लोगों को अमेरिकी नागरिकता दी।
नागरिकता पाने में महिलाएं आगे
आंकड़ों के मुताबिक, 2017 में 3,96,234 महिलाओं को अमेरिकी नागरिकता मिली। यह पुरुषों के 3,10,987 से 85 हजार ज्यादा रही।
नागरिकता पाने वाले ज्यादातर भारतीय कैलिफोर्निया में बसे
रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी नागरिकता पाने वालों में से करीब 12 हजार भारतीय कैलिफोर्निया में बसे। इसके बाद न्यूजर्सी में 5900 और टेक्सास में 3700 भारतीयों ने बसेरा बनाया। इसके अलावा करीब 7100 नए अमेरिकी नागरिकों ने न्यूयॉर्क और पेंसिलवेनिया को भी घर के तौर पर चुना।
तृप्ति देसाई शिंगणापुर के शनि मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए आंदोलन कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हम विजयादशमी के मौके पर हम लोग शिरडी जा रहे थे। पुलिस पहले ही मेरे घर के आसपास मौजूद थी। उन्होंने हमें आगे नहीं बढ़ने दिया। विरोध करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। यह नरेंद्र मोदी के द्वारा हमारी आवाज दबाने की कोशिश है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गुरुवार को सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं को प्रवेश दिया जाना था, लेकिन हिंसक विरोध के चलते ऐसा संभव नहीं हो पाया।
साईं ने 1918 में ली थी समाधि
साईं बाबा की समाधि के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में शिरडी में 17 से 19 अक्टूबर तक साई दरबार सजाया गया। 15 अक्टूबर 1918 को बाबा ने शिरडी में समाधि ली थी। इस दरबार में 30 राज्यों और 20 देशों के 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु शामिल होंगे। कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। समारोह से पहले ही यहां के 750 होटल और शिरडी संस्थान के 1500 कमरे बुक हो चुके हैं।
96 साल में ट्रस्ट की आय 11 लाख गुना बढ़ी
शिरडी संस्थान के सीईओ रूबल अग्रवाल ने बताया कि 1922 में साईं बाबा मंदिर को ट्रस्ट के रूप में रजिस्टर किया गया। उस समय ट्रस्ट की सालाना आय लगभग 3200 रुपए थी। आज ट्रस्ट की आय 371 करोड़ रुपए हो गई है।
रसोई में एक लाख लोगों के भोजन का इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से हर कोने पर सीसीटीवी कैमरे, डॉग स्क्वॉड, एक हजार से ज्यादा पुलिस फोर्स और संस्थान के ही 500 से ज्यादा सेवक व्यवस्था में शामिल हैं। करीब एक लाख श्रद्धालु के लिए रसोई में भोजन की व्यवस्था की गई। भाेजन परोसने के लिए एक हजार सेवकों ने तीन शिफ्ट में सेवाएं दीं। पूरा मंदिर परिसर 35 लाख खर्च कर फल और फूलों से सजाया जाएगा। इसके लिए साढ़े सात टन फूल मंगवाए गए।
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