Thursday, October 18, 2018

में नागरिकता पाने वालों में दूसरे नंबर पर रहे भारतीय, 50 हजार लोगों को मिली सिटीजनशिप

वॉशिंगटन. एक आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 में करीब 50 हजार भारतीयों को अमेरिकी नागरिकता दी गई। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग की सालाना प्रवासी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 50,802 भारतीयों को देश की नागरिकता मिली। यह 2016 के 46,188 के आंकड़े से चार हजार ज्यादा है। इससे पहले 2015 में 42,213 भारतीयों को अमेरिकी नागरिकता दी गई थी

2017 में अमेरिका ने कुल 7,07,265 विदेशियों को नागरिकता दी। यह 2016 के 7,53,259 से करीब 45 हजार कम है। इससे पहले 2015 में 7,30,259 लोगों को अमेरिकी नागरिकता मिली थी। माना जा रहा है कि ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद सरकार ने नागरिकता पाने के मानकों को कठिन बना दिया है।

अमेरिकी नागरिकता पाने वालों में मैक्सिकन सबसे ज्यादा
2017 में विदेशी नागरिकों में सबसे ज्यादा मैक्सिको के 1,18,559 लोगों को अमेरिका की नागरिकता मिली। इसके बाद दूसरे नंबर पर भारतीय रहे। वहीं 37,674 चीनी लोगों को अमेरिकी नागरिकता दी गई।फिलीपींस के 36,828, डोमिनिकन रिपब्लिक के 29,734 और क्यूबा के 25,961 लोगों को अमेरिकी नागरिकता दी

नागरिकता पाने में महिलाएं आगे
आंकड़ों के मुताबिक, 2017 में 3,96,234 महिलाओं को अमेरिकी नागरिकता मिली। यह पुरुषों के 3,10,987 से 85 हजार ज्यादा रही।

नागरिकता पाने वाले ज्यादातर भारतीय कैलिफोर्निया में बसे
रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी नागरिकता पाने वालों में से करीब 12 हजार भारतीय कैलिफोर्निया में बसे। इसके बाद न्यूजर्सी में 5900 और टेक्सास में 3700 भारतीयों ने बसेरा बनाया। इसके अलावा करीब 7100 नए अमेरिकी नागरिकों ने न्यूयॉर्क और पेंसिलवेनिया को भी घर के तौर पर चुना

तृप्ति देसाई शिंगणापुर के शनि मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए आंदोलन कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हम विजयादशमी के मौके पर हम लोग शिरडी जा रहे थे। पुलिस पहले ही मेरे घर के आसपास मौजूद थी। उन्होंने हमें आगे नहीं बढ़ने दिया। विरोध करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। यह नरेंद्र मोदी के द्वारा हमारी आवाज दबाने की कोशिश है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गुरुवार को सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं को प्रवेश दिया जाना था, लेकिन हिंसक विरोध के चलते ऐसा संभव नहीं हो पाया।

साईं ने 1918 में ली थी समाधि

साईं बाबा की समाधि के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में शिरडी में 17 से 19 अक्टूबर तक साई दरबार सजाया गया। 15 अक्टूबर 1918 को बाबा ने शिरडी में समाधि ली थी। इस दरबार में 30 राज्यों और 20 देशों के 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु शामिल होंगे। कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। समारोह से पहले ही यहां के 750 होटल और शिरडी संस्थान के 1500 कमरे बुक हो चुके हैं

96 साल में ट्रस्ट की आय 11 लाख गुना बढ़ी
शिरडी संस्थान के सीईओ रूबल अग्रवाल ने बताया कि 1922 में साईं बाबा मंदिर को ट्रस्ट के रूप में रजिस्टर किया गया। उस समय ट्रस्ट की सालाना आय लगभग 3200 रुपए थी। आज ट्रस्ट की आय 371 करोड़ रुपए हो गई है।

रसोई में एक लाख लोगों के भोजन का इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से हर कोने पर सीसीटीवी कैमरे, डॉग स्क्वॉड, एक हजार से ज्यादा पुलिस फोर्स और संस्थान के ही 500 से ज्यादा सेवक व्यवस्था में शामिल हैं। करीब एक लाख श्रद्धालु के लिए रसोई में भोजन की व्यवस्था की गई। भाेजन परोसने के लिए एक हजार सेवकों ने तीन शिफ्ट में सेवाएं दीं। पूरा मंदिर परिसर 35 लाख खर्च कर फल और फूलों से सजाया जाएगा। इसके लिए साढ़े सात टन फूल मंगवाए गए

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